हिन्दु एक मरता हुआ धर्म

हिंदू धर्म, विश्व का सबसे प्राचीन धर्म, जो कब और कैसे शुरू हुआ किसी को नहीं पता. ये अनादि काल से चला आ रहा है. ये विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जो किसी एक व्यक्ति ने नहीं बनाया. विश्व के सभी धर्मो के बारे में प्रमाण उपलब्ध हैं की किस धर्म को किस व्यक्ति ने बनाया|
हिंदू धर्म के बारे में जो सबसे पुराना प्रमाण उपलब्ध है उसके अनुसार "इन्दुस" नदी (वर्तमान में सिंधु जो की पाकिस्तान में है) की घाटी में रहने वाले लोगों को हिंदू कहा गया। इससे पुराना प्रमाण किसी धर्म के बारे में प्राप्त नहीं हुआ है. ऋग वेद, हिंदू धर्म का सबसे प्राचीन वेद। अगर इसको विश्व की सबसे पुरानी किताब कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी.ज्योतिष शास्त्र, आकाश के ग्रहों, नक्षत्रों और तारामंडलों के अध्यन की कला समूचे विश्व को हिंदू धर्म से ही मिली.विक्रमी संवत, दुनिया को दिन, महीने और साल की जानकारी देने वाला पहला पंचांग (calendar) हिन्दुओं ने ही बनाया।
बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध हिंदू थे।
जैन धर्म के संस्थापक महावीर जैन भी हिंदू थे।
सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव भी हिंदू ही थे।

उपरोक्त तो बस कुछ ही बिन्दु हैं। हिंदू धर्म कितना महान है ये किसी की कल्पना के भी परे है। इतने महान धर्म पर सदियों से प्रहार होते आए हैं इसको नष्ट करने के लिए। मुसलमानों ने सन् 712 में सिंध का छेत्र जीत कर वहाँ अपने इस्लाम धर्म की नींव रखी और सन् 875 तक सिंधु नदी के छेत्र में उन्होंने अपना पूर्ण रूप से अधिकार कर लिया। सन् 1017 में मुहम्मद गजनी ने मथुरा और गोकुल को लूटा और वहाँ एक मस्जिद बनाईं।
सन् 1024 में मुहम्मद गजनी ने सोमनाथ के मन्दिर पर आक्रमण कर मन्दिर को नष्ट करा। वहाँ शिवलिंग को खंडित कर दिया और करीब 50,000 से ज्यादा हिन्दुओ का कत्ल किया। वहाँ भी उसने एक मस्जिद बनाईं। सोमनाथ के मन्दिर पर उसने इस प्रकार से 17 बार आक्रमण करा। सन् 1197 में मुस्लिम इख्तियार उददीन ने नालंदा विश्वविध्यालय (बिहार में) को नष्ट किया जो उस समय का विश्व का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय था। सन् 1528 में बाबर ने अयोध्या का राम मन्दिर तोड़ कर वहाँ बाबरी मस्जिद बनाईं। सन् 1658 में औरंगजेब ने जबरन हिन्दुओं को इस्लाम कबूल करने पर मजबूर करा। जिन्होंने इस्लाम कबूल नहीं करा उन पर ज़ुल्म किए गए और मार दिया गया। सन् 1688 में औरंगजेब ने मथुरा और आस पास के करीब 1000 मन्दिर तुड़वा दिए। मुगलों के कुल शासनकाल में करीब 60,000 मन्दिर तोडे गए। सन् 1761 में अहमद शाह दुर्रानी ने उत्तर भारत में 2,00,000 हिन्दुओं को मौत के घाट उतार दिया।
इसके बाद हिन्दुस्तान पर अंग्रेजो का आधिपत्य हो गया और फिर उन्होंने अपने इसाई धर्म को बढावा दिया। अंग्रेजों के अत्याचार की कहानी तो जलियाँ वाला बाग़ सुनाता है।

इस प्रकार से हमारी हिंदू सभ्यता और संस्कृति को कई बार पैरों तले रौंदा गया। कभी मुसलमानों ने और कभी इसाईओं ने. बहुत सह चुके हम और बहुत सह चुका हिंदू धर्म। अब हम और नहीं सहेंगे।
"त्रेता युग और द्वापर युग की तरह इस युग में भी भगवान धर्म की रक्षा के लिए और अधर्म के विनाश के लिए धरती पर अवतार लेंगे." ऐसा सोच कर हम कब तक भगवान के अवतरण की प्रतीक्षा करेंगे? और वैसे भी कहा गया है की "जो अपनी सहायता स्वयं करते हैं, भगवान भी उन्हीं की सहायता करते हैं।" इसीलिए भगवान से सहायता लेने के लिए पहले हमें स्वयं ही कदम उठाना होगा, शंखनाद करना होगा दुनिया को बताने के लिए कि हिंदू धर्म में दया और करुणा तभी तक दिखाई जाती है जब तक पापी अपनी सीमा में रहे।
तो आइये, हिंदू धर्म की रक्षा और उत्थान के लिए हम सभी एकजुट होकर आह्वान करते हैं।

मयंक कुमार


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5 comments: on "हिन्दु एक मरता हुआ धर्म"

बाल किशन said...

हम आपके साथ है.
क्या करना होगा?

प्रशांत तिवारी said...

बहुत सही बात कही आपने भाई साहब .हम आपके साथ है .

संजय बेंगाणी said...

छेत्र - क्षेत्र
करा - किया

हिन्दु धर्म पर प्रहार होते रहें हैं, क्योंकि हम इस लायक ही थे. आपस में ही लड़ने वाले गुलाम ही बनेंगे ना.
पहले हिन्दुओं को अपने में ही भेदभाव मिटना होगा. जातिवाद को ध्वस्त करने के लिए कितने हाथ आगे आयेंगे?

Ashok K Sharma said...

mere vichaar mein toh hindu dharm mein ekta khatm honay key karan hi yeh dharm ek din mar jaayega

Ashok K Sharma said...

hinduon mein ahankaar aur swartha ki bhawana itnee bhar gayee hai ki waisay hi unkee aukaat murday jaisee ban chuki hai. poora desh milkar bhi jaatiyon mein batay muhallon say zyada kuchch nahi hai..