बुद्धि लगाओ देश बचाओ ( मुर्ख, अनपढ़, गवार और सेकुलर इसे ना पढे़)

किसी दार्शनिक ने सही कहा है जहाँ समझदार आदमी जाने से डरता है मुर्ख वहाँ बिन्दास दौड लगाता है। वरुण गाँधी बाले मामले में भी कुछ यैसा ही हुआ था वरुण गाँधी ने जो भी भाषण दिया उसका विडीयो हम सभी ने देखा लेकिन उस विडीयों में वरुण गाँधी ने क्या भाषण दिया इसका विषलेशण हम अपनी बुद्धि के द्वारा ना करके पैसा लेकर समाचार पढ़ने बाले 10वी-12वी पास पत्रकारों और कांग्रेस के नेताओ कि जबान हम बोलने लगे। सही क्या है और गलत क्या है इसका विवेचना हमें खुद करना चाहिये ना कि किसी के वहकाबे में आगर मुर्ख बनना चाहिये।

वरुण गाँधी का दिया गया भाषण निचे शब्दों में लिखा है कुछ शब्द को मिडीया बालों ने छिपा दिया है आईये उस शब्द को हम अपने बुद्धि विवेक और ज्ञान का परिचय देकर वरुण गाँधी के शब्दों को पुरा करते हैं और इस पुरे भाषण का असली अर्थ क्या निकलता है देखें

मेरे राज्य में मेरे समय में किसी आदमी ने किसी गलत तत्व के आदमी ने *************** हाथ उठाया उसपर ये समझा कि ये कमजोड़ हैं इनका कोई नेता नही है इनके नेता हमारे जुते चाटते हैं हमारे वोट के लिये हमारे तो अगर किसी आदमी ने ************************ हाथ उठाया मैं गीता की कसम खा कर कहता हूँ मैं उस हाथ को काट दूगाँ।

(************************ जगह पर सही शब्द क्या हो सकता लगायें)


पुरा भाषण कई बार देखने के बाद में यह कह सकता हू कि ये पुरा खेल वरुण गाँधी को फसाने के लिये किया गया है क्यों कि अगर शब्द को ढंग से मिलाये तो कही से भी ये नही लगता है कि वरुण गाँधी ने कुछ भी भडकाऊ व्यान दिया है जिसके चलते आग वरुण गाँधी जेल में सजा काट रहें हैं।
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7 comments: on "बुद्धि लगाओ देश बचाओ ( मुर्ख, अनपढ़, गवार और सेकुलर इसे ना पढे़)"

Anil said...

टिप्पणी करना चाहता था, कई बार लिखी, लेकिन हर बार मिटा दी। अब आप खुद ही समझ लीजिये।

अनुनाद सिंह said...

"10वी-12वी पास पत्रकार" - कितनी अर्थपूर्ण बात है ! ये तथाकथित पत्रकार जितनी योग्यता रखते हैं उससे अधिक की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?

"जाकी जैसी बुद्धि है वैसी कहे विचारि |
ताको बुरा न मानिये, बुद्धि कहाँ से लाइ? "

ये पूरे विद्यार्थी जीवन, सबसे पीछे के डेस्क पर बैठे। भारत के दुर्भाग्य से ये आज देश को 'रास्ता' दिखाने और 'शिक्षा' देने का मोर्चा सम्हाले हुए हैं।

राजीव said...

मैं भी इस विडीयो को कई बार देखा वरुण गाँधी ने इस पुरे वीडीयो में कही भी कुछ भी भडकाऊ भाषा का प्रयोग् नही किया है जो शब्द मियुट कर दिया गया है मिडीया को इमान्दारी से उस शब्द को पब्लिक के सामने रखना चाहिये।

Suresh Chiplunkar said...

यदि वरुण ने वाकई में कोई आपत्तिजनक बात कही होती तो उसी समय दंगा भड़कना चाहिये था, लेकिन 10-12 दिन बाद कथित सीडी बाहर आई और उसके बाद रासुका लगाया गया, तब तक दंगे क्यों नहीं भड़के? और मजे की बात तो यह कि जिन शब्दों को सीडी में "म्यूट" किया जाता है उसी वक्त वरुण का चेहरा साफ़ नहीं दिखाई देता अर्थात "लिप रीडिंग" भी नहीं की जा सकती…। अब ये नकली पत्रकार बार-बार दो-चार शब्दों को Mute करके क्या साबित करना चाहते हैं?

Savitari said...

It is quite clear that those persons/leaders are fanatics and "cutting India into pieces" are secular. Who made them secular? Media made them secular? What Media got doing this misdeed? It has been paid heavily by those "powers" who wants to vanish India from the World map. We must understand and know who are these "powers". It is ISI. Our leaders and media are spreading secularism under the instructions of ISI. ISI is not only the Intelligence Agency of Pakistan, It is being used by CIA and other countries. In their way, India is a hindrance to spread Christianity. Muslim tushtikaran is a hammer to break India. In this breaking process, missionaries are doing their work to make our country weak and weaker. If India survives from this conspiracy, do the coming generations forgive all these antinational powers. It is our duty to recognise them all. For this we have to be nationalist first and should know the pains of Mother India.

mahesh gupta said...

hum me se har ek ko bhagatsingh aur jailsingh banna hoga aur congress ko char jute aur bumo ka swad chakhana hoga..

bahut ho gaya atyachar...atankwad ...bhrashtachar...secularism ko dhong.. hindu ke bhagawan ka apman.. sikho par atyachar.. hamare tax ke rupyo ka durupyog.. haj ke liye hamare rupyo ka upyog .. hamar logo ka katl.. bahno par balatkar....

nahi sahna hai.. nahi sahna

everyone will die one day so why not die for good cause.

Damayanti said...

Varun Gandhi ki speech se kahin adhik bhadkaau to in reporter sahab ki speech hai! Inko jail mein kyon nahin band karti Bharat Sarkar? Inhein ye theka kisne diya ki ye humein (Bharat ki janta ko, Hindu janta ko) apne khokhle 'secularism' ka paath padhaayein??!

Reporter sahab, is desh ki loktaantrik aasthaaon par gaali Varun Gandhi nahin, aap hain. Kyonki aap jis loktantra ki baat kar rahe hain, wo asal mein loktantra hai hi nahin, loktantra ke naam par bhadda mazaak hai, dogla loktantra hai.

agar aap kewal ek chavanni chap journo nahin hain, and if you're truly worth your salt as a journo, then why the hell aren't you reporting the statement of Andhra Pradesh Congress Leader, D Srinivas where he said at a rally, "I will always be grateful to the Congress for giving me this opportunity. I am ready to chop my head off for the welfare of minorities. I will cut off any hand if that tries to point a finger at the minorities."

How is his statement any different from Varun Gandhi's? Inki statement aapko gaali nahin lagti? Inki soch aapko hatyaari nahin lagti? Inko NSA ke under jail mein band karwana pasand nahin karenge aap? Is mudde par to aapki choon bhi sunayi nahin di. Himmat nahin hai?? Kaunse bil mein chhup gaye Reporter sahab?

Achcha hai, aap usi bil mein chhupe rahiye. Kyonki sota hua sher kabka jaagne laga hai. Bharat ki janta, wo bhi samajhdar, padhi-likhi janta, khas taur par yuva peedhi ab jaag rahi hai. Ab aapke ye khokhle hathkande nahin chalenge. Ab aap aur aapka media Bharat ki janta ke nashane par hai. Sambhal jaiye!