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ये हमारा हिन्दुस्तान है।

डाक्टर बीमार है
इंस्पेक्टर लाचार है।

घर में फोन है
मगर वह बेकार है।

अनपढ़ है मंत्री यहाँ
पढा़ लिखा सब बेकार है।

आदमी को पुछता नही
जानवरों से प्यार।

मुजरिमों का पता नही
बेकसूर गिरफ्तार है।

कुछ मत पुछो भाई
ये हमारा हिन्दुस्तान है।
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सोचिये क्या होगा हिन्दुस्तान का

आप में से कितनों को पता है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह (जिन्हें हिन्दु आतंकवादी का जामा पहनाया गया था) और उनके साथीयों पर से मकोका हटा लिया गया है। कोर्ट के एक फैसले के अनुसार सभी अभियुक्तों पर से मकोका हटा लिया गया है।

याद किजीये कुछ दिन पहले तस्विर और हमारे समाचार मिडीया के द्वारा दिखाया जाने बाल वो हिन्दु आंतकवादी का समाचार जिसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह के साथ में हिन्दुस्तान के लगभग सभी साधु-संतों को ये मिडीया बाले हिन्दु आंतकवादी बता कर चौबीसों घंटा अपने समाचार के माध्यम से कोसते थे हर हिन्दु को आंतकवादी के अवधारणा में खडा़ कर दिया गया था लेकिन आज जब साध्वी प्रज्ञा पर से मकोका हटा एक भी समाचार चैनल बालों ने 1 मिनट का भी कोई कवरेज नही दिखाया। क्या यही है मिडीया का कर्तव्य। सोचिये क्या होगा हिन्दुस्तान का।
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हिन्दु तो गली के कुत्ता जैसा है।

जब मुगलों ने हिन्दुस्तान पर हमला किया एक उनकें एक हाथ में तलवार और दुसरे हाथ में कुरान था बहुत ही भयावह आक्रमण था मुगलों का। मुगल शासक हिन्दुस्तान पर आक्रमण करके सिर्फ हिन्दुस्तान को लुटना ही नही चाहते थे हिन्दुस्तान की संस्कृ्ती को भी नाश करके इस्लाम का प्रचार प्रसार करना चाहते थे। मुगलों ने वैसा ही किया लेकिन जैसा वे चाहते थे लेकिन हिन्दु शासको विरोध भी झेलना परा । हिन्दुस्तान को जितने के लिये मुगलों को काफी मेहनत करना पर रहा था देशभक्त राजा मुगलों के रास्तों में किसी ना किसी तरह से परेशानी खरा कर रहे थे। आखिर मुगलों ने एक नया रास्ता निकाला हिन्दुओं के आपस में बाटनें का बिना हिन्दु को बाटें मुगल अपने मकसद में कभी कामयाब नही हो सकते थे। नतिजा कुछ युद्ध में हारे हुये, डरपोक, दलाल हिन्दु राजा मुगलों के साथ मिल गये तथा अपने राज्य सत्ता को बचाने के लिये किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार हो गये और अपने बहू-बेटीयों को नंगा करके बजार में खरा कर दिया मुगलों को खुसामद करने के लिये । नतीजा उन्हें सत्ता तो मील गया लेकिन हिन्दुस्तान का आत्मसम्मान नंगा हो गया। मुगलों द्वारा हिन्दुओं को तरह-तरह से यातना दिया जाने लगा और जो कोई भी इस्लाम कबुल नही करता उन्हें या तो जेल में सड़ने के लिये डाल दिया जाता या सडे़ आम तड़पा तड़पा के मार दिया जाता फिर भी मुगलों का विरोध इस धरती पर होता रहा जहा एक ओर यैसे राजा थे जो अपने बहू-बेटीयों का बोली लगवा दिया वही वैसे राजा भी थे जो जीवन भर मुगलें से लड़ते रहें और उनकी बहू-बेटीया मुगलों के हाथ में आने से पहले सामूहिक आत्मदाह करके अपने आपको धधकते आग के हवाले कर दिया और अपना तथा हिन्दुओं के आत्मसम्मान को कभी आँच नही आने दिया। हिन्दु समाज उस समय भी दो हिस्सों में बट था चापलुस हिन्दु और देशभक्त आत्मसम्मान के साथ जीने बाले हिन्दु।

जहाँगीर के शासन काल में अंग्रेज व्यापार करने के लिये हिन्दुस्तान में आये हिन्दुस्तान उनहें कभी भाय। सिर्फ 500 पाउण्ड लेकर हिन्दुस्तान में व्यापार करने आये अंग्रेज से जहाँगीर ने पुछा तुम हिन्दुस्तान में क्या बेचना चाहते हो तो अंग्रेज ने कहा कुछ नही तो क्या खरीदोंगे अंग्रेजों ने कहा कुछ नही। फिर भी अंग्रेज यहा व्यापर करने लगें। व्यापार करते-करते हिन्दुस्तान में शासन भी करने लगें और अंग्रेजो को साथ दिया यही के दलाल हिन्दुस्तानीयों नें। अंग्रेजो ने वही सब किया जो मुगलों ने किया था हिन्दुओं में कभी एकता मत आने दों| एक ओर तो राष्टृभक्त अंग्रेजो से लड़ते रहे दुसरी ओर दलालों की फौज अंग्रेजों के तलवें चाटते रहें और रायबहादुर, चौधरी साहब, जमीन्दार साहब बन कर अंग्रेजो के बीबीयों का चुम्बन लेते रहें और अपने बीबी का चुम्बन अंग्रेजो को दिलवाते रहें। उस समय भी हिन्दु समाज में आत्मसम्मान नही आने दिया गया नतीजा हमारा हिन्दुस्तान अंग्रेजो के गुलामी करता रहा।

समय बदला सुभाषचन्द्र बोष की आजाद हिन्द सेना से, वीर सावरकर आत्मबल से, डा. हेडगेवाल के खाकी निक्कर बाले देशभक्तों से, भगत सिह के हैसला से, चन्द्रशेखर आजाद के जुझारुपन से रामप्रसाद विस्मिल के निडरता के डर से अंग्रेज हिन्दुस्तान छोड कर भाग गये। देश आजाद हो गया। शासन करने बाले बदल गये शासकों का चमरा का रंग उजला से काला हो गया लेकिन शासन करने का पद्धती वही रहा कभी हिन्दुओं मे एकता नही आने दो हिन्दु को गली का कुत्ता बना कर रखो जब जिसका मन करे लतिया कर चला जाये आज समस्या इस कदर बढ गया है कि हिन्दुओं के आत्मसम्मान का बात करना सप्रदायीक हो गया। वरुण गाँधी ने भी हिन्दुओं के आत्मसम्मान की रक्षा करने का जिम्मा उठाया फिर क्या था रायबहादुर, चौधरी साहब, जमीन्दार साहब के वंशज को बुरा लग गया क्यों कि उनहें पता है जिस दिन हिन्दुओं में आत्मसम्मान जग जायेगा रायबहादुर, चौधरी साहब, जमीन्दार साहब के वंशजों को जुता लेकर दौरायेगा। इस लिये वरुण गाँधी के उपर एक साथ सभी ने हल्ला बोल दिया कि हिन्दु आत्मसम्मान की बात करना संप्रदायिक लगने लगा। हिन्दु आत्मसम्मान की बात करना संप्रदायिक हो गया दुसरे तरफ मुसलमान नेताओं के द्वारा हिन्दु को गाली देना संप्रदायिक नही है। पिलीभीत में हिन्दु औरतों का बलात्कार होना शर्म की बात नही है लेकिन वरुण गाँधी द्वारा उनके रक्षा की बात करना संप्रदायिक। मस्जिद के इमाम का फतवा जारी करके एक राजनितीक पार्टी को फायदा पहुचाना संप्रदायिक नही है। गुजरात में ट्रेन में मासुम बच्चों को जला कर मार देना संप्रदायिक नही है उसके प्रतीउत्तर देना संप्रदायिक हो गया है। मुम्बई में बम बिस्फोट करना संप्रदायिक नही है लेकिन हिन्दु इस के खिलाफ अवाज उठाये तो संप्रदायिक हो गया। भागलपुर में हिन्दुओं के देवी-देवता का मुर्ती तोड़ देना संप्रदायिक नही लेकिन हिन्दुओं मे इस बात का विरोध करना संप्रदायिक हो गया। हिन्दुओं के धार्मिक यात्रा में व्यवधान करना संप्रदायिक नही है लेकिन अगर कोई इसके खिलाफ आवाज उठाये तो वे संप्रदायिक हो गया। वरुण गाँधी का हिन्दु के पक्ष में बोलना संप्रदायिक है लेकिन कांग्रेसी नेता का हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलना संप्रदायिक नही है। साध्वी प्राज़ा सिह आतकवादी है और अफजल गुरु को आंतकवादी कहना संप्रदायिक। आखिर कब तक इस देश में जयचन्द, मानसिंह, मिरजाफर, रायबहादुर, चौधरी साहब, जमीन्दार साहब के वंशजों का नीति चलता रहेगा।

एक देश में दो विधान जरुर डुबेगा हिन्दुस्तान।
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क्या तालिबान के ताण्डव से बच पायेगा हिन्दुस्तान?

जिस तरह से तालिबान और पाकिस्तान शासन में बैठे तालिबानी शासक पुरे पाकिस्तान को लगभग तालिबानिस्तान बना दिया है। आज पाकिस्तान का स्थिती ऎसा है कि वहाँ रह रहे मुस्लिम सम्प्रदाय के लोग इस्लाम के नाम पर तालिबान का खुले आम समर्थन कर रहें है और वहाँ का सरकार भी आँख बन्द कर समर्थन कर रहा है। और पाकिस्तान से बाहर रह रहें मुस्लिम समप्रदाय भी किसी न किसी तरह तालिबान का समर्थन कर ही रहा है। तालिबान का सपना है पुरे विश्व को दारुल इस्लाम बनाने का इसके लिये इसके लिये तालिबान गैर इस्लामिक समुदाय को या तो डरा-धमका कर इस्लाम कबूलबा कर या फिर मौत के घाट उतार कर दारुल इस्लाम का सपना साकार करने में लगा है।

हिन्दुस्तान के दो परोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनो देश में इस्लाम का शासन है बांग्लादेश जब पाकिस्तान के आतंक से त्रस्त था तब हिन्दुस्तान के शरण में आया था लेकिन आजादी के कुछ दिन बाद से बांग्लादेश को अपने इस्लामिक भाईचारा का ख्याल हो आया और हिन्दुस्तान का साथ छोड़ इस्लामिक भाई पाकिस्तान का दामन थाम लिया और पाकिस्तान का कसम हिन्दुस्तान को बर्बाद करके दम लुगा को सार्थक करने में लग गया। और किसी ना किसी तरह से हिन्दुस्तान को परेशान करने लगा चाहे जिहाद हो, आंतकवाद हो, नकली नोट या फिर बांग्लादेशी नागरीक को अवैध रुप से हिन्दुस्तान में भेज कर मुग्लिस्तान बनाने में पाकिस्तान का सहयोग देना हो। इन सब स्थिती में हिन्दुस्तान क्या करेगा।

हिन्दुस्तान में राजनीतिक दल मुस्लमानों के चन्द वोट के चलते हिन्दुस्तान के आने वाले खतरे को हमेशा से अनदेखा करते रहें है। जब भाजपा सरकार आयी थी तो आतंकवाद विरोधी कानुन टाडा और पोटा लगाया था जिसको की कांग्रेस की सरकार ने मुस्लमानों के दवाब के चलते हटा दिया। आतंकवाद निरोधक कानून किसी एक विशेष समुदाय के लिये नही बनाया गया था ये कानून समान रुप से हिन्दु और मुस्लिम दोनो के लिये था लेकिन मुस्लमानों को इस कानून से ज्यादा समस्या था जिसके कारण कांग्रेस सरकार जब बना तो सबसे पहला काम आंतकवाद निरोधक कानून को हटाने का किया जिसका नतिजा आज पुरा हिन्दुस्तान भोग रहा है आज हिन्दुस्तान का कोई शहर, कस्बा, गाँव आतंकवादियों से सुरक्षीत नही है। कही भी कभी भी इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा बम विस्फोट किया जा सकता है। आज की तारिख में विश्व में सबसे ज्याद इस्लामिक आतंकवादी सुरक्षित है तो वह देश है हिन्दुस्तान। अफजल गुरु इसका उदाहरण है फांसी की सजा मिलने के बाद भी अफजल को कांग्रेस सरकार के द्वारा सिर्फ इस लिये फांसी नही दिया कि इस से मुस्लिम समुदाय खफा हो जायेगा और कांग्रेस को वोट नही देगा। हिन्दुस्तान में रह रहें मुस्लमानों का किसी ना किसी रुप से इस्लामिक आंतकवाद को सर्मथन दिया जा रहा है। पाकिस्तान तो सिर्फ अपने यहाँ आतंकवादियों को विस्फोट करना सिखाया जाता है लेकिन हिन्दुस्तान में आकर उसी आतंकवादि को हर तरह का सुविधा मुहय्या किया जाते है। इस्लामिक आतंकवाद हिन्दुस्तान में आकर कही भी घर लेकर रह सकता है और उसको सहयोग करने वाले और विस्फोट के बाद बचाव करने वाले लगभग हर राजनितीक दल में मौजुद है और उनके समर्थक खुले आम घुम रहें हैं और चुनाव के दिन मुस्लिम समुदाय सिर्फ उन्ही दल को वोट देता है जिनके आने से आतंकवाद और हिन्दुस्तान को दारुल इस्लाम बनाने में सहयोग मिलता रहें।

तालिबान के पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा करने के बाद तालिबान क्या चुप बैठेगा। शायद नही उसका अगला निशाना जरुर हिन्दुस्तान होगा। और हिन्दुस्तान में रह रहें मुस्लिम समुदाय इस्लामिक भाईचारा के नाम पर हो सकता है कि वे तालिबानियों के साथ करें हो जायें क्यों की आजादी के इतने सालों बाद भी मुस्लमानों का झुकाव पाकिस्तान की ओर ज्यादा है हिन्दुस्तान से इसका उदाहरण है क्रिकेट का मैच जब भी हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मैच होता है तो मुस्लिम समुदाय हमेशा से पाकिस्तान के सर्मथन में खरा रहता है। अभी कुछ दिन पहले जब हिन्दुस्तान 20-20 का विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान को औकाद बता कर 20-20 विश्व चैंम्पियन बना तो हिन्दुस्तान में रह रहें मुस्लिम समुदाय को पाकिस्तान का हिन्दुस्तान के हाथों हारना नागावार लगा जिसका नतिजा कई जगह दंगा भड़का। जब हिन्दुस्तान में तालिबान का इस्लामिक ताण्डव भडकेगा उस स्थिती में हमारे देश के शासक और हमारा फौज क्या इस स्थीती में रहेगा कि तालिबानीयों से और हिन्दुस्तान में रह रहें तालिबानी सर्मथको से लोहा ले सकेगा। कांग्रेस के इस पाँच साल के शासन काल में हम लोगों ने देखा की हिन्दुस्तान से नेपाल जैसा पिद्दी सा देश भी नही डरा। मुम्बई धमाका के बाद कि स्थिती तो हिन्दुस्तान के शासको के लिये हास्यपद बन गया है पाकिस्तान हिन्दुस्तान को लतिया रहा है और हमारे शासक नित्य नयें बहाने बना कर मुम्बई हमालाबरों को बचाने के कोशीश कर रहें हैं तो क्या हमारे मुस्लिम चापलुस शासको के पास इतना हिम्मत होगा की तालिबान का सफाया हमारे देश से कर सकें।

सोचों
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लोकतान्त्रिक देश के युवराज श्री राहुल गाँधी का समान्यज्ञान हा हा हा हा!

भारत के होने बाले प्रधानमंत्री और लोकतान्त्रिक देश के युवराज श्री राहुल गाँधी उर्फ राहुल बाबा, कांग्रेस के पालनहार श्री राहुल गाँधी, कांग्रेस पार्टी के कर्ताधर्ता श्री राहुल गाँधी, चुनाव के स्टार प्रचारक श्री राहुल गाँधी, विदेश से पढा़ई करके वापस हिन्दुस्तान आयें श्री राहुल गाँधी, लालू प्रसाद यादव के महात्मा गाँधी श्री राहुल गाँधी, कांग्रेस के ह्र्दय सम्राट श्री राहुल गाँधी, मिडीये के पुज्यनीय श्री राहुल गाँधी-चलिये इतना काफी है।

अब काम कि बात अभी कुछ दिन पहले लोकतान्त्रिक देश के युवराज श्री राहुल गाँधी गुजरात गये थे वहाँ उन्हों ने विकास पुरुष नरेन्द्र मोदी को खरी खोटी सुना कर वापस आये। वहाँ एक प्रस कान्फ्रेन्स में लोकतान्त्रिक देश के युवराज श्री राहुल गाँधी का ज्ञान भंडाफोर हो गया। लालू प्रसाद यादव के महात्मा गाँधी श्री राहुल गाँधी के अनुसार गुजरात का क्षेत्रफल युनाइटेड किगंडम के क्षेत्रफल से बडा़ है। और उससे भी मजेदार बात ये रही कि उनके साथ बैठे कांग्रेसी चमचों ने उनके इस बात पर जोडदार ताली बजाया। लेकिन सच्चाई है गुजरात का क्षेत्रफल 196,024 Sq KM है और युनाइटेड किगंडम का क्षेत्रफल 244,820 km2 है। गणित के किस फार्मुला से गुजरात युनाइटेड किंगडम बडा़ हो गया पता नही ये बात हामारे देश के युवा तुर्क भावी प्रधानमंत्री को नही पता है। लेकिन बात यही खत्म नही हो गया। कांग्रेस के पालनहार श्री राहुल गाँधी के अनुसार युनाइटेड स्टेट और अमेरिका को मिला दिया जाये तो उसका क्षेत्रफल हिन्दुस्तान के इतना नही होता है। लेकिन सत्यता यह है कि सिर्फ अमेरिका का अकेला क्षेत्रफल है 9,826,630 km2 युनाइटेड किंगडम का 244,820 km2 देखने योग्य बात है सिर्फ अमेरिका का क्षेत्रफल ही हमारे हिन्दुस्तान से बडा़ है युनाइटेड किंगडम को अलग भी रख दिया जाय तो भी हिन्दुस्तान का क्षेत्रफल कम है। (विडीयो देखें)। सोनिया गाँधी जी अगर ये सब बात बोलती तो ठिक भी लगता क्यों कि वे विदेशी है लेकिन श्री राहुल गाँधी तो देशी है। अगर राहुल बाबा का समान्यज्ञान अगर ऎसा है तो देश का क्या होगा।

आप सोचों आखिर ये क्या हो रहा है।

जय हो !

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जय महाराष्टृ, जय मुम्बई और हिन्दुस्तान जाये भाड़ में

हिन्दुस्तान भी ऑस्कर की किताब में अपना नाम लिखवा लिया। इज्जत से ना सही बेईज्जत से ही लेकिन हिन्दुस्तान का भी नाम हो गया। स्लमडॉग के निर्माता विदेशी हैं तथा इसमें काम करने बाले कुछ कलाकार भी मानसिक रुप से विदेशी है। इसी में एक है श्री मान अनिल कपुर जी जब उन्हें ऑस्कर के मंच पर पैर रखने का थोडा़ सा जगह मिला तो दिखा दिये अपना राज ठाकरे मानसिकता और दे दिया नारा जय महाराष्ट्रा, जय मुम्बई लेकिन जिस देश का नाम लेकर गये थे हिन्दुस्तान का बेइईज्जती करने उस हिन्दुस्तान का जयकारा उन्कें मुहँ से नही फुट पाया मि़ अनिल कपुर के मुह से जय हिन्दुस्तान या जय भारत का बोल नही निकल पाया। हिन्दुस्तान आज भी विश्व मानचित्र में एक असभ्य, बर्बर, अशिक्षीत, सपेरों का देश के रुप में जाना जाता है और स्लमडॉग फिल्म में भी यही सब दिखाया गया है। और तो और हिन्दू के भगवान श्री राम का गलत चित्रन भी किया गया है। हिन्दूओं को दंगाई भी दिखाया गया है। और हिन्दुस्तान में रहने बाला हर आदमी भीखारी है ये बात सही है लेकिन स्लमडॉग के माध्यम से अब इस बात को पुरा विश्व देखेगा।

हिन्दुस्तान आज महाशक्ति बनने का दंभ भर रहा हैं लेकिन यहाँ के नागरिक का मानसिकता अभी भी गुलामों जैसा है। आज के समय में हिन्दुस्तान के इंजिन्यर, डाक्टर, साफ्टवेयर डेव्लपर जैसे प्रोफेसनल का माँग विश्व को सबसे ज्यादा है हम हिन्दुस्तानीयों के बिना इन सबका काम शायद ना चले तभी तो अमेरिका के हर चुनाव के पहले आउटसोर्सिंग को लेकर हल्ला मचाया जाता है लेकिन वहाँ जो भी राष्टृपति बनता है इस मुद्दे पर चुप्पी साध लेता है कारण सिर्फ एक है हम हिन्दुस्तानीयों के बिना उनका देश सुपरपावर नही बन सकता है। लेकिन बीच-बीच में इन्ही देश से हमें ये एहसास दिया जाता है कि हिन्दुस्तानीयों तुम कितने भी तरक्की कर लो तुम रहोगे तीसरी दुनिया के असभ्य ही इसमें कुछ हिन्दुस्तानियों का भी भरपुर सहयोग रहता है। स्लमडॉग फिल्म के बनाने बाले विदेशी फिल्म बना हिन्दुस्तान में इसमें काम करने बाले कलाकार हिन्दुस्तानी, और यही कलाकारों के द्वारा हम हिन्दुस्तानियों को अपना औकाद बता दिया गया कि हिन्दुस्तानी तुम कितने भी तरक्की करलो तुम रहोंगे दंगाई ही।

स्लमडॉग को ऑस्कर मिला समाचार चौनलों के माध्यम से देख रहा हू आज सारा हिन्दुस्तान जय हो के नारा लगा रहा यहाँ तक कि स्लमडॉग का नाम सुनकर मेरा पालतु कुत्ता भी दुम हिलाने लगता है जैसे कि स्लमडॉग और कोई नही मेरा कुत्ता का कुम्भ के मेले में खोया हुआ कोई भाई हो। आज हिन्दुस्तान के नागरिक किसी और देश के मुहताज नही है हिन्दुस्तानी मेहनत से अपना और इमान्दारी से अपना एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है और यही मेहनत और इमान्दारी आज विश्व के हर कोने में फैले हुये हिन्दुस्तानि को सिना तान कर जिना सिखा रहा है लेकिन शायद हमारे देश के चन्द कलाकारों को शायद यह इज्जत पसन्द नही है इस लिये चले जाते है ऑस्कर के मन्दिर में सर छुकाने। क्या होता अगर स्लमडॉग को ऑस्कर मिलता और हमारे हिन्दुस्तान के कलाकार वहाँ नही जाते, क्यों नही अनिल कपुर जैसे कलाकार ने पटकथा में हिन्दुस्तान का बुराई देखकर फिल्म में काम करने से मना कर दिया। कोई जलजला नही आता, कही आग नही लगता, कोई नागरिक नही मरते, कोई पाकिस्तान हिन्दुस्तान पर परमाणु बम नही गिराता। सिर्फ इतना होता कि हिन्दुस्तान का इज्जत बचा रह जाता और हम हिन्दुस्तानी विश्व को दिखा देते देखो हम हिन्दुस्तानि के पास अपना जमीर है हम इमान्दार हैं हम मेहनती हैं हम समझदार हैं हम खुद्दार है। स्लमडॉग से भी कई अच्छी फिल्मों को आस्कर नही दिया गया। लगान अच्छी फिल्म थी आस्कर मिलना चाहिये था लेकिन गोरी चमरी बाले ये कैसे बर्दास्त कर लेते कि अग्रेज हिन्दुस्तानियों से पीटे। अच्छी फिल्म होने के बावजुद लगान को ऑस्कर नही मिला। और आज जाकर स्लमडॉग को ऑस्कर मिला। और हम खुश हो गये अपने उपर ही बेहायायी हँसी हँसते हुये हम अपना ही पिठ ठोक रहें हैं चलो हिन्दुस्तान को भी ऑस्कर मिल गया।

वाह रे मानसिकता ----- जय हो
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